This story is part of the maa ko wife banaya
पर उसे क्या पता था की नीतू आ नहीं सकती वो तो बाहर से सारा नज़ारा देख रही है।
और नीतू का बाहर बुरा हाल था वो अपने जीवन में पहली बार इतनी बेरहम चुदाई देख रही थी उसका पति तो बड़े धीरे से उसे चोदता था और उसका लंड भी अरुन के लंड से आधा था।अंदर अरुन जोर जोर से सरला को पेलता है।
सरला: उई मज़ा मजा आ गया ।
जान अब तुम्हारे लंड के बिना एक पल भी गुजारना मुस्किल है मन करता है इसे अपनी चुत में ले कर दिन भर पड़ी रहूँ।
अरुण: तो मना किसने किया है मेरी जान और कसकर सरला को पकड़ता है और पूरा लंड निकाल कर फिर से एक ही झटके में पूरा पेल देता है।
सरला की चीख निकल जाती है।
सरला: आह स स माँ मार ड़ाला कमिने मादरर्चोद बहन के लोडे चोद ऐसे ही चोद अपनी रंडी को।
आह स स माँ आहः
अरुण: चोद तो रहा हु रंडी ऐसे ही तेरी बेटी को भी चोदुँगा।
सरला: हाँ तो मना किस ने किया है उसे भी चोद लेना तेरे गधे जैसे लंड को देखकर वो भी तेरी दीवानी हो जायेगी मेरी तरह।
अरुण: तेरी बहन को भी चोदुँगा और उसकी बेटी को भी।
सरला: आह आह उह माआआआआ चोद लेना पहले अपनी इस रंडी को तो ठण्डी कर।
और अरुन के लंड पे पानी छोड देती है।
मै गई मेरे राजा सम्हाल मुझे निकाल दिया तेरे लंड ने मेरा पानी।
अरुण: पर मेरा नहीं हुआ अभी।
सरला: मुझे पता है मेरी जान का इतनी जल्दी नहीं होता और अरुन को उठने का इशारा करती है और अरुन के उठने के बाद खुद डोगी स्टाइल में हो जाती है और अपने दोनों हाथों से अपने चुतड को फैला कर
ले मेरे राजा तेरी राँड की गाण्ड हाज़िर है तेरे लंड को ठण्डा करने के लिये।
और बाहर नीतू ये सब देख कर पागल हो जाती है।
क्या रंडीपना चल रहा है अंदर और वो लोग उसका नाम क्यों ले रहे है।
इधर अरुन सरला की गाण्ड पे अपना थूक लगाके अपना लंड टीकाता है और एक झटके में पूरा लंड सरला की गाण्ड में पेल देता है।
सरला: ओह माँ मार ड़ाला कमिने मादरर्चोद ने मेंरी गाँड को।
तेरी माँ हूं रंडी नही।
अरुण:तू मेरी राँड भी है वो भी पर्सनल वाली और बाद मैं तेरी बेटी भी मेरी राँड होगी ।
बो साली होगी ना।
सरला: हाँ होगी वो भी तेरी रंडी बनेगी मुझे पता है उसे भी तेरे जैसा मुसल लंड चाहिए मुझे पता है रवि के बस का नहीं है मेरी बेटी तो ठण्डा करना वो भी अपनी माँ की तरह गरम माल है।
अरुण: हाँ एकदम गरम मम्मे और गण्ड तो तेरे जैसा है
और अपनी स्पीड बढ़ाता जाता है।
सरला: आह माँ आह सी आ ओह आह माँ आह सी और तेज जान और तेज़ फाड़ दे मेरी गाण्ड और निकाल दे अपना पानी मेरी गाण्ड में
और सिसीयाती रहती है।
नीतु अपनी माँ के मुह से अपने बारे में ऐसी बात सुन कर सोचती है।
मेरी माँ मुझे अपने बेटे की राण्ड बनाना चाहती है।
ये कैसे सोच सकती है की मैं ऐसा करुँगी।
और उसे कैसे पता की रवि का लंड मेरे भाई के लंड से आधा है।
दूसरा मन नीतू का ।
वो भी तो मेरे भले की सोच रही है इतना बड़ा लंड मेरे चुत में जायेगा तो क्या होगा
फंसता जायेगा और माँ तो गाण्ड भी मरवा रही है मैंने तो कभी भी नहीं किया वहाँ पे मेरी तो फट जायेगी।
नीतु सोचते सोचते झड जाती है
और अंदर अरुन भी अपनी माँ की बात सुन के उसकी गाण्ड में पानी छोड देता है।
और सरला पे लेट जाता है।
नीतु वहाँ से उठ कर अपने रूम में आ जाती है और टाइम देखती है उसे अंदर देखते हुए दो घंटे हो गये थे मतलब अरुण माँ को पिछले दो घंटे से चोद रहा था और रवि तो 5 मिनट में झड जाते है।
और बाथरूम में आ कर अपनी चुत साफ़ करती है
और इधर अरुन सरला के उपर से उठ जाता है।
और सरला को बाँहों में ले कर।
अरुण: सॉरी माँ मैं आप को पता नहीं क्या क्या कहता हूँ और बेरहमी से चोदता हूँ आप को काफी दर्द होता होगा ना।
सरला: सब होता है पर मुझे बहुत अच्छा लगता है
ऐसे लगता है जैसे मैं फिर से जवान हो गई हू।
और तेरे लंड से दिए हुए दर्द में भी मुझे मजा आता है और अरुन के लिप्स पर किस करती है ।
चलो जाओ फ्रेश हो जाओ नीतू कभी भी आ सकती है
और दोनों फ्रेश होने चले जाते है।
और इधर नीतू भी फ्रेश हो कर बाहर आ जाती है और रवि के पास आ कर लेट जाती है।
थोड़ी देर में अरुन और सरला बाहर आ जाते है
और सरला किचन में रात के डिनर का इन्तज़ाम करने चलि जाती है और अरुन टीवी देखने लगता है।
माँ की आवाज़ सुन के नीतू भी बाहर आ जाती है
पर अरुन से कुछ नहीं बोलति और किचन में चली जाती है।
पर सरला से भी कुछ बात नहीं करती ।
सरला: नीतू को देख के शरमा जाती है क्यों की उसे पता था की सरला और अरुन रूम में क्या कर रहे थे
इधर नीतू भी समझ नहीं पा रही थी की क्या बोले जो उसने अंदर रूम में सुना।
पर पूछे कैसे अगर पूछेगी तो सरला उल्टा उससे पूछेगी की उसे कैसे पता की रूम में क्या बात हुई।
इसी बजह से दोनों में से कोई भी एक दूसरे से बात नहीं कर रहा था।
मेरी माँ मुझे अपने बेटे की राण्ड बनाना चाहती है।
ये कैसे सोच सकती है की मैं ऐसा करुँगी।
और उसे कैसे पता की रवि का लंड मेरे भाई के लंड से आधा है।
दूसरा मन नीतू का ।
वो भी तो मेरे भले की सोच रही है इतना बड़ा लंड मेरे चुत में जायेगा तो क्या होगा
फंसता जायेगा और माँ तो गाण्ड भी मरवा रही है मैंने तो कभी भी नहीं किया वहाँ पे मेरी तो फट जायेगी।
नीतु सोचते सोचते झड जाती है
और अंदर अरुन भी अपनी माँ की बात सुन के उसकी गाण्ड में पानी छोड देता है।
और सरला पे लेट जाता है।
नीतु वहाँ से उठ कर अपने रूम में आ जाती है और टाइम देखती है उसे अंदर देखते हुए दो घंटे हो गये थे मतलब अरुण माँ को पिछले दो घंटे से चोद रहा था और रवि तो 5 मिनट में झड जाते है।
और बाथरूम में आ कर अपनी चुत साफ़ करती है
और इधर अरुन सरला के उपर से उठ जाता है।
और सरला को बाँहों में ले कर।
अरुण: सॉरी माँ मैं आप को पता नहीं क्या क्या कहता हूँ और बेरहमी से चोदता हूँ आप को काफी दर्द होता होगा ना।
सरला: सब होता है पर मुझे बहुत अच्छा लगता है
ऐसे लगता है जैसे मैं फिर से जवान हो गई हू।
और तेरे लंड से दिए हुए दर्द में भी मुझे मजा आता है और अरुन के लिप्स पर किस करती है ।
चलो जाओ फ्रेश हो जाओ नीतू कभी भी आ सकती है
और दोनों फ्रेश होने चले जाते है।
और इधर नीतू भी फ्रेश हो कर बाहर आ जाती है और रवि के पास आ कर लेट जाती है।
थोड़ी देर में अरुन और सरला बाहर आ जाते है
और सरला किचन में रात के डिनर का इन्तज़ाम करने चलि जाती है और अरुन टीवी देखने लगता है।
माँ की आवाज़ सुन के नीतू भी बाहर आ जाती है
पर अरुन से कुछ नहीं बोलति और किचन में चली जाती है।
पर सरला से भी कुछ बात नहीं करती ।
सरला: नीतू को देख के शरमा जाती है क्यों की उसे पता था की सरला और अरुन रूम में क्या कर रहे थे
इधर नीतू भी समझ नहीं पा रही थी की क्या बोले जो उसने अंदर रूम में सुना।
पर पूछे कैसे अगर पूछेगी तो सरला उल्टा उससे पूछेगी की उसे कैसे पता की रूम में क्या बात हुई।
इसी बजह से दोनों में से कोई भी एक दूसरे से बात नहीं कर रहा था।
तभी अरुन का सेल बजा।
और अरुन बात करता है सरला और नीतू उसको देखते है जैसे पूछ रहे हो किसका फ़ोन है।
और बात करने के बाद ।
अरुण:माँ
सरला: हाँ बेटा किसका कॉल था।
अरुण: माँ वो पापा का कॉल था स्टेशन जाने के लिए बोल रहे है।
सरला: क्यु।
अरुण: वो प्रीति बुआ आ रही है उनको लेने जाना है स्टेशन।
पापा ऑफिस से निकल नहीं पा रहे इसलिए मुझसे बोले है।
सरला: अब ये क्यों आ रही है।
नीतु सरला के मन को समझते हुए माँ पहले ही मेरे और रवि के आने से परेशान है क्योंकी उनको अरुन के साथ टाइम स्पेंड करने का मौका नहीं मिल रहा अब बुआ भी आ रही है।
सरला अरुन से।
वो खुद नहीं आ सकती।
अरुण: आ नहीं सकती तभी तो पापा ने बोला है
और स्टेशन चला जाता है।
सरला कुछ कुछ बुद्बुदाते हुए।
नीतू: अब बोलने से क्या होगा माँ बस तो स्टेशन आ चुकी है।
सरला इधर थोड़ा लंगड़ा कर चल रही थी।
नीतू; आप ऐसे क्यों चल रही हो।
सरला: कुछ नहीं बस ऐसे ही।
नीतू; दिन में तो ठीक थी।
सरला बोली: न कुछ नही।
नीतू ; कहीं पापा ने तो कुछ,,,। ,
सरला शरमा जाती है ।
नीतू : बोलो न माँ क्या हुआ।
कहीं गिर गई तो दवा लगा दु।
सरला: नहीं ऐसा कुछ नहीं है ये तेरे पापा की मेंहरबानी है ।
नीतू: मतलब।
सरला: जब भी मैं उनके पास होती हूँ तो वो मेरा ऐसा ही हाल करते है , मेरी चाल बिगाड देते है।
नीतू: वो ऐसा क्या करते है की आप की चाल बिगड जाती है।
सरला: शरमा जाती है। अब शरम कर सब पूछेगी क्या
नीतु जानती सब थी पर बोल नही सकती थी की अरुन ने अपने मुसल लंड से सरला का ये हाल किया है।
अभी भी दोनों माँ बेटी में थोड़ा शरम या पर्दा था।
पर नीतू ये ज़रूर जानना चाहती थी की वो उसका नाम अरुन के सामने क्यों लेती है और क्या वाकई में मुझे अरुन से चुदवाना चाहती है ।
इधर अरुन स्टेशन पहुच कर प्रीति को रिसीव करता है और स्टेशन से बाहर आ कर टैक्सी करता है।
और दोनों टैक्सी में बैठ कर।
प्रीति: कैसा है अरुण।
अरुण: बढ़िया।और अपना सुनाओ ।
प्रीति: मैं भी ठीक हूँ बस तेरे फुफाजी से लडाई हो गई और तुम लोगो से मिलने का मन कर रहा था सो आ गई।
लेटस इंट्रोड्यूस प्रीति ।
प्रीति रमेश की सब से छोटी सिस्टर है जिस की उम्र ३९ तीन बच्चो की माँ और रहती ऐसे है जैसे अभी कुवारी हो और फुल टाइम मेकअप में रहती है और हम उमर होने की बजह से सरला से पटती है और
हुबहु साउथ इंडियन एक्ट्रेस रंभा की तरह दिखती है थोड़ी मोटी तो नहीं कहेंगे पर भरा हुआ शरीर है एक दम हॉट एंड सेक्सी।
और दोनों बात करते हुए घर पहुच जाते है।
सरला प्रीति को मिल कर खुश होती है ।
खुश न हो तो क्या करे।
और प्रीति नीतू और रवि से मिलकर खुश होती है
की वो भी उससे मिल गये।
ऐसे ही बात करते हुए रात हो जाती है और रमेश भी ऑफिस से आ जाता है और सब मिल कर डिनर करते है ।फिर सोने की तैयारी होती है कौन कहा सोये।
डीसाइड ये होता है ।
प्रीति ज़िद करती है सरला के साथ सोने की तो
रमेश अपने रूम में
रवि और अरुन ,अरुण के रूम में
और सरला नीतू और प्रीति ड्राइंग रूम में एक साथ
और सभी अपनी २ जगह लेट जाते है।
और फिर सरला और प्रीति की बातें शुरु होती है और रात के दो बजे तक चलती है।
और नीतू इन दोनों की बातों से बोर हो जाती है
और उठ कर अरुन के रूम में आ जाती है।
जहाँ रवि सो चूका था और अरुन जग रहा था।
नीतू: क्या हुआ नींद नहीं आ रही।
अरुण: हाँ बस ऐसे ही।
नीतू;मन ही मन जानती हूँ माँ के बिना नींद नहीं आती अब।
क्या मैं यहाँ सो जाऊँ।अरुण ओके कर देता है।
पोसिशन
रवि बेड पे राइट हैंड पे सो रहा था अरुन लेफ्ट पर जगा हुआ था इसलिए अरुन को बीच में भेज देती है और खुद उसके बगल में लेट जाती है।
नीतु को यकीन नहीं हो रहा था की वो अरुन के साथ बेड पे लेटी है।
वो अरुन से कुछ बात करती उससे पहले प्रीति की आवाज़ आती है।
नीतु :हा बुआ
प्रीति:बेटा मेरी कमर में निचे लेटने से दर्द हो गया तो एक काम कर अपनी माँ के साथ सो जा मैं यहाँ अरुन के साथ लेट जाती हू।
नीतु बेमन से ओके बुआ और उठ कर अपनी माँ के पास चलि जाती है।
और अरुन बात करता है सरला और नीतू उसको देखते है जैसे पूछ रहे हो किसका फ़ोन है।
और बात करने के बाद ।
अरुण:माँ
सरला: हाँ बेटा किसका कॉल था।
अरुण: माँ वो पापा का कॉल था स्टेशन जाने के लिए बोल रहे है।
सरला: क्यु।
अरुण: वो प्रीति बुआ आ रही है उनको लेने जाना है स्टेशन।
पापा ऑफिस से निकल नहीं पा रहे इसलिए मुझसे बोले है।
सरला: अब ये क्यों आ रही है।
नीतु सरला के मन को समझते हुए माँ पहले ही मेरे और रवि के आने से परेशान है क्योंकी उनको अरुन के साथ टाइम स्पेंड करने का मौका नहीं मिल रहा अब बुआ भी आ रही है।
सरला अरुन से।
वो खुद नहीं आ सकती।
अरुण: आ नहीं सकती तभी तो पापा ने बोला है
और स्टेशन चला जाता है।
सरला कुछ कुछ बुद्बुदाते हुए।
नीतू: अब बोलने से क्या होगा माँ बस तो स्टेशन आ चुकी है।
सरला इधर थोड़ा लंगड़ा कर चल रही थी।
नीतू; आप ऐसे क्यों चल रही हो।
सरला: कुछ नहीं बस ऐसे ही।
नीतू; दिन में तो ठीक थी।
सरला बोली: न कुछ नही।
नीतू ; कहीं पापा ने तो कुछ,,,। ,
सरला शरमा जाती है ।
नीतू : बोलो न माँ क्या हुआ।
कहीं गिर गई तो दवा लगा दु।
सरला: नहीं ऐसा कुछ नहीं है ये तेरे पापा की मेंहरबानी है ।
नीतू: मतलब।
सरला: जब भी मैं उनके पास होती हूँ तो वो मेरा ऐसा ही हाल करते है , मेरी चाल बिगाड देते है।
नीतू: वो ऐसा क्या करते है की आप की चाल बिगड जाती है।
सरला: शरमा जाती है। अब शरम कर सब पूछेगी क्या
नीतु जानती सब थी पर बोल नही सकती थी की अरुन ने अपने मुसल लंड से सरला का ये हाल किया है।
अभी भी दोनों माँ बेटी में थोड़ा शरम या पर्दा था।
पर नीतू ये ज़रूर जानना चाहती थी की वो उसका नाम अरुन के सामने क्यों लेती है और क्या वाकई में मुझे अरुन से चुदवाना चाहती है ।
इधर अरुन स्टेशन पहुच कर प्रीति को रिसीव करता है और स्टेशन से बाहर आ कर टैक्सी करता है।
और दोनों टैक्सी में बैठ कर।
प्रीति: कैसा है अरुण।
अरुण: बढ़िया।और अपना सुनाओ ।
प्रीति: मैं भी ठीक हूँ बस तेरे फुफाजी से लडाई हो गई और तुम लोगो से मिलने का मन कर रहा था सो आ गई।
लेटस इंट्रोड्यूस प्रीति ।
प्रीति रमेश की सब से छोटी सिस्टर है जिस की उम्र ३९ तीन बच्चो की माँ और रहती ऐसे है जैसे अभी कुवारी हो और फुल टाइम मेकअप में रहती है और हम उमर होने की बजह से सरला से पटती है और
हुबहु साउथ इंडियन एक्ट्रेस रंभा की तरह दिखती है थोड़ी मोटी तो नहीं कहेंगे पर भरा हुआ शरीर है एक दम हॉट एंड सेक्सी।
और दोनों बात करते हुए घर पहुच जाते है।
सरला प्रीति को मिल कर खुश होती है ।
खुश न हो तो क्या करे।
और प्रीति नीतू और रवि से मिलकर खुश होती है
की वो भी उससे मिल गये।
ऐसे ही बात करते हुए रात हो जाती है और रमेश भी ऑफिस से आ जाता है और सब मिल कर डिनर करते है ।फिर सोने की तैयारी होती है कौन कहा सोये।
डीसाइड ये होता है ।
प्रीति ज़िद करती है सरला के साथ सोने की तो
रमेश अपने रूम में
रवि और अरुन ,अरुण के रूम में
और सरला नीतू और प्रीति ड्राइंग रूम में एक साथ
और सभी अपनी २ जगह लेट जाते है।
और फिर सरला और प्रीति की बातें शुरु होती है और रात के दो बजे तक चलती है।
और नीतू इन दोनों की बातों से बोर हो जाती है
और उठ कर अरुन के रूम में आ जाती है।
जहाँ रवि सो चूका था और अरुन जग रहा था।
नीतू: क्या हुआ नींद नहीं आ रही।
अरुण: हाँ बस ऐसे ही।
नीतू;मन ही मन जानती हूँ माँ के बिना नींद नहीं आती अब।
क्या मैं यहाँ सो जाऊँ।अरुण ओके कर देता है।
पोसिशन
रवि बेड पे राइट हैंड पे सो रहा था अरुन लेफ्ट पर जगा हुआ था इसलिए अरुन को बीच में भेज देती है और खुद उसके बगल में लेट जाती है।
नीतु को यकीन नहीं हो रहा था की वो अरुन के साथ बेड पे लेटी है।
वो अरुन से कुछ बात करती उससे पहले प्रीति की आवाज़ आती है।
नीतु :हा बुआ
प्रीति:बेटा मेरी कमर में निचे लेटने से दर्द हो गया तो एक काम कर अपनी माँ के साथ सो जा मैं यहाँ अरुन के साथ लेट जाती हू।
नीतु बेमन से ओके बुआ और उठ कर अपनी माँ के पास चलि जाती है।
इधर अरुन अपनी बुआ को अपने पास पा कर समझ नहीं पाता ।
प्रीति: अरुन सो गये।
अरुण: नहीं
प्रीति: क्यों नींद नहीं आ रही।
अरुण: हाँ बस ऐसे ही।
प्रीति: गर्ल फ्रेंड की याद आ रही है।
अरुण: बुआ आप भी न मेरी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है।
प्रीति: क्या बात कर रहा है तू इतना हॅंडसम और कोई गर्ल फ्रेंड नही।
अरुण: सच बुआ कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है।
प्रीति: सब ठीक तो है
अरुण: मतलब।
प्रीति: मतलब कोई मिल्क नहीं या कुछ प्रॉब्लम है।
अरुण: कोई प्रॉब्लम नहीं है बस मन नहीं है गर्ल फ्रेंड बनाने का।
प्रीति: मुझे तो कोई गड़बड़ लग रही है।
अरून प्रीति की बातों से इरीटेट हो जाता है।
अरुण: बुआ वो कोई आप जैसी नहीं मिली न इसलिए कोई गर्ल फ्रेंड नहीं बनी।
प्रीति: अच्छा जी तो अब भतीजा बुआ पे लाइन मारेंगा।
अरुण: हाँ अगर बुआ साथ दे तो।
प्रीति: चल पागल कहीं का बुढ़िया पे लाइन मारेंगा।
अरुण: क्या बात करती हो बुआ आज भी आप अगर रोड पे निकल जाओ तो लाखो मज़नू आप के पीछे २ चल देंगे।
प्रीति: चढा दे चने के पेड़ पे ।
अरुण: सच बोल रहा हु बुआ आप अगर कहो तो आप को गर्ल फ्रेंड बना लु।
प्रीति: पहले अपने बाप से पूछ ले फिर मुझ से बात करियो।
अरुण: पहले आप बताओ पटोगी या नहीं फिर पापा से बात करुँगा।
हट बदमाश चल सो जा काफी रात हो गई।
इधर बाहर नीतू और सरला लेटी हुई थी।
नीतु बार २ करवट बदल रही थी
सरला: क्या हुआ नीतू नीन्द नहीं आ रही।
नीतू: हाँ नहीं क्यु।
सरला: क्या हुआ बेटा कोई बात है क्या जो तुझे परेसान कर रही है।
नीतू: हाँ माँ
सरला: बोल अपनी माँ से बोल कोई प्रॉब्लम है रवि के साथ।
नीतू: नहीं माँ उनके साथ कोई प्रॉब्लम नही।
सरला: तो
नीतू: वो माँ आप और पापा के बारे में।
सरला: पापा मतलब अरुन या तेरे पापा
नीतू: अरुन के बारे में।
सरला: बोल और मन ही मन डर रही थी की क्या पूछेगी या बोलेंगी।
नीतू: वो माँ सोर्री।
सरला: सॉरी क्यु
नीतू: वो आज दिन में मैंने आप को और अरुन को एक साथ देखा था।
सरला: मतलब।
नीतू: झिझकते हुए।
आप के रूम की कीहोल से सबकुछ देखा।
सरला: नीतू क्यों किया ये तुने। सब बता तो दिया था न।
नीतू: बस ऐसे ही आपकी बातों में आ कर आप की उस बात की बजह से की मैं अगर छोटू देख लि तो बेहोश हो जॉंउगी।
सरला: मतलब तूने सब देख लिया तो अब प्रॉब्लम क्या है।
नीतू: वो मुझे आप से या अरुन से कोई प्रॉब्लम नहीं है।
सरला: फिर।
नीतू: आप और अरुन मेरा नाम क्यों ले रहे थे और अरुन आप को रंडी क्यों बुला रहा था।
सरला: शॉकड हो जाती है आज तक अरुन ने इस बात का जीक्र सेक्स के बाद कभी नहीं किया क्यों की दोनों एक दूसरे को गरम करने और जल्दी झड जाते इस लिए उसकी बातें करते थे और नीतू ने सब सुन लिया था। क्या जवाब दे इसकी बातों का।
नीतू: बोलो मा।
सरला: वो बेटा जब पहली बार अरुन ने मेरे साथ सेक्स किया तो वो काफी देर तक नहीं झड़ता था जिसकी बजह से मुझे काफी देर तक उसको झेलना पड़ता था मैंने कही सुना था की सेक्स के दौरान सेक्सी बात करने से पार्टनर जल्दी गरम और ठण्डा हो जाता है बस इसलिये मैं उस दिन से ऐसी बातें करती हूँ।
नीरू: और अरुण।
सरला: अरुन इसलिए की वो मुझे झड़ा सके ।अगर मैं उस को खुश नहीं रख पाई तो वो तुम्हे चोद देगा मेरे सामने और मुझे छोड देगा।
नीतू: क्या ये सब सच में होगा।
सरला: नहीं पगली ये सब तो हम ऐसे ही बोलते है।
तूने तो फिर भी पूछ लिया ।
मेरे और अरुन के बीच इस बारे में आज तक बात नहीं हुई सिर्फ सेक्स के टाइम बात होती है उसके बाद सिर्फ मैं और वो कोई तीसरा नही।
नीतू: क्या हुआ नींद नहीं आ रही।
अरुण: हाँ बस ऐसे ही।
नीतू;मन ही मन जानती हूँ माँ के बिना नींद नहीं आती अब।
क्या मैं यहाँ सो जाऊँ।अरुण ओके कर देता है।
पोसिशन
रवि बेड पे राइट हैंड पे सो रहा था अरुन लेफ्ट पर जगा हुआ था इसलिए अरुन को बीच में भेज देती है और खुद उसके बगल में लेट जाती है।
नीतु को यकीन नहीं हो रहा था की वो अरुन के साथ बेड पे लेटी है।
वो अरुन से कुछ बात करती उससे पहले प्रीति की आवाज़ आती है।
नीतु :हा बुआ
प्रीति:बेटा मेरी कमर में निचे लेटने से दर्द हो गया तो एक काम कर अपनी माँ के साथ सो जा मैं यहाँ अरुन के साथ लेट जाती हू।
नीतु बेमन से ओके बुआ और उठ कर अपनी माँ के पास चलि जाती है।
प्रीति: अरुन सो गये।
अरुण: नहीं
प्रीति: क्यों नींद नहीं आ रही।
अरुण: हाँ बस ऐसे ही।
प्रीति: गर्ल फ्रेंड की याद आ रही है।
अरुण: बुआ आप भी न मेरी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है।
प्रीति: क्या बात कर रहा है तू इतना हॅंडसम और कोई गर्ल फ्रेंड नही।
अरुण: सच बुआ कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है।
प्रीति: सब ठीक तो है
अरुण: मतलब।
प्रीति: मतलब कोई मिल्क नहीं या कुछ प्रॉब्लम है।
अरुण: कोई प्रॉब्लम नहीं है बस मन नहीं है गर्ल फ्रेंड बनाने का।
प्रीति: मुझे तो कोई गड़बड़ लग रही है।
अरून प्रीति की बातों से इरीटेट हो जाता है।
अरुण: बुआ वो कोई आप जैसी नहीं मिली न इसलिए कोई गर्ल फ्रेंड नहीं बनी।
प्रीति: अच्छा जी तो अब भतीजा बुआ पे लाइन मारेंगा।
अरुण: हाँ अगर बुआ साथ दे तो।
प्रीति: चल पागल कहीं का बुढ़िया पे लाइन मारेंगा।
अरुण: क्या बात करती हो बुआ आज भी आप अगर रोड पे निकल जाओ तो लाखो मज़नू आप के पीछे २ चल देंगे।
प्रीति: चढा दे चने के पेड़ पे ।
अरुण: सच बोल रहा हु बुआ आप अगर कहो तो आप को गर्ल फ्रेंड बना लु।
प्रीति: पहले अपने बाप से पूछ ले फिर मुझ से बात करियो।
अरुण: पहले आप बताओ पटोगी या नहीं फिर पापा से बात करुँगा।
हट बदमाश चल सो जा काफी रात हो गई।
इधर बाहर नीतू और सरला लेटी हुई थी।
नीतु बार २ करवट बदल रही थी
सरला: क्या हुआ नीतू नीन्द नहीं आ रही।
नीतू: हाँ नहीं क्यु।
सरला: क्या हुआ बेटा कोई बात है क्या जो तुझे परेसान कर रही है।
नीतू: हाँ माँ
सरला: बोल अपनी माँ से बोल कोई प्रॉब्लम है रवि के साथ।
नीतू: नहीं माँ उनके साथ कोई प्रॉब्लम नही।
सरला: तो
नीतू: वो माँ आप और पापा के बारे में।
सरला: पापा मतलब अरुन या तेरे पापा
नीतू: अरुन के बारे में।
सरला: बोल और मन ही मन डर रही थी की क्या पूछेगी या बोलेंगी।
नीतू: वो माँ सोर्री।
सरला: सॉरी क्यु
नीतू: वो आज दिन में मैंने आप को और अरुन को एक साथ देखा था।
सरला: मतलब।
नीतू: झिझकते हुए।
आप के रूम की कीहोल से सबकुछ देखा।
सरला: नीतू क्यों किया ये तुने। सब बता तो दिया था न।
नीतू: बस ऐसे ही आपकी बातों में आ कर आप की उस बात की बजह से की मैं अगर छोटू देख लि तो बेहोश हो जॉंउगी।
सरला: मतलब तूने सब देख लिया तो अब प्रॉब्लम क्या है।
नीतू: वो मुझे आप से या अरुन से कोई प्रॉब्लम नहीं है।
सरला: फिर।
नीतू: आप और अरुन मेरा नाम क्यों ले रहे थे और अरुन आप को रंडी क्यों बुला रहा था।
सरला: शॉकड हो जाती है आज तक अरुन ने इस बात का जीक्र सेक्स के बाद कभी नहीं किया क्यों की दोनों एक दूसरे को गरम करने और जल्दी झड जाते इस लिए उसकी बातें करते थे और नीतू ने सब सुन लिया था। क्या जवाब दे इसकी बातों का।
नीतू: बोलो मा।
सरला: वो बेटा जब पहली बार अरुन ने मेरे साथ सेक्स किया तो वो काफी देर तक नहीं झड़ता था जिसकी बजह से मुझे काफी देर तक उसको झेलना पड़ता था मैंने कही सुना था की सेक्स के दौरान सेक्सी बात करने से पार्टनर जल्दी गरम और ठण्डा हो जाता है बस इसलिये मैं उस दिन से ऐसी बातें करती हूँ।
नीरू: और अरुण।
सरला: अरुन इसलिए की वो मुझे झड़ा सके ।अगर मैं उस को खुश नहीं रख पाई तो वो तुम्हे चोद देगा मेरे सामने और मुझे छोड देगा।
नीतू: क्या ये सब सच में होगा।
सरला: नहीं पगली ये सब तो हम ऐसे ही बोलते है।
तूने तो फिर भी पूछ लिया ।
मेरे और अरुन के बीच इस बारे में आज तक बात नहीं हुई सिर्फ सेक्स के टाइम बात होती है उसके बाद सिर्फ मैं और वो कोई तीसरा नही।
नीतू: क्या हुआ नींद नहीं आ रही।
अरुण: हाँ बस ऐसे ही।
नीतू;मन ही मन जानती हूँ माँ के बिना नींद नहीं आती अब।
क्या मैं यहाँ सो जाऊँ।अरुण ओके कर देता है।
पोसिशन
रवि बेड पे राइट हैंड पे सो रहा था अरुन लेफ्ट पर जगा हुआ था इसलिए अरुन को बीच में भेज देती है और खुद उसके बगल में लेट जाती है।
नीतु को यकीन नहीं हो रहा था की वो अरुन के साथ बेड पे लेटी है।
वो अरुन से कुछ बात करती उससे पहले प्रीति की आवाज़ आती है।
नीतु :हा बुआ
प्रीति:बेटा मेरी कमर में निचे लेटने से दर्द हो गया तो एक काम कर अपनी माँ के साथ सो जा मैं यहाँ अरुन के साथ लेट जाती हू।
नीतु बेमन से ओके बुआ और उठ कर अपनी माँ के पास चलि जाती है।
चल सो जा काफी रात हो गई है
पर नीतू की तो इन दो घंटे ने ज़िन्दगी बदल दी।
वो अभी तक रवि के लंड को सब से बड़ा लंड समझती थी पर अरुन का देख कर वो पागल हो गई
उसे अभी तक यहि पता था की लंड से चुत मारी जाती है पर अरुन तो माँ की गाण्ड मार रहा था।मुँह में पेल रहा था।
उससे सिर्फ ये पता था लंड चोदने के लिए होता है पर माँ तो मुह में ले कर चूस रही थी और अपनी चुत अरुन से चुसवा भी रही थी पर रवि ने आज तक उसकी चुत नहीं चुसी।
और सुब से बड़ी बात अरुन उसके बारे में क्यों बोल रहा था कही वो मुझे चोदना तो नहीं चाहता और माँ मेरा नाम क्यों ले रही थी कहीं वो मुझे अरुन से चुदवाना तो नही चाहती।
यही सोचते सोचते नीतू को कब नीन्द आई पता न चला।
इधर अरुन के रूम में
एक तो अरुन को नीन्द नहीं आ रही थी उपर से प्रीति ने उसके बगल मैं लेट कर अपनी दोनों टाँगे अरुन के उपर रखी हुई थी जिसकी बजह से उसे नीन्द नहीं आ रही थी।
तभी अरुन अपना मोबाईल निकालता है
और मैसेज टाइप करता है।
"" मुझे अभी मिलना है छत पे """"
और सरला के मोबाइल पे सेंड कर देता है
और उठ कर छत पे चला जाता है
इधर सरला का मोबाइल वाइब्रेशन होता है
वो मैसेज चेक करती और उठकर बैठ जाती है
अब इन्हे क्या हुआ ।
और नीतू को उठाती है।
नीतू: क्या हुआ।
सरला: वो तेरे पापा उपर बुला रहे है।
नीतू: पर इस टाइम ।
सरला: वो तेरी बुआ लेटी थी न उनके बगल में।
नीतू: हाँ तो।
सरला: तो क्या सोते में कुछ हरकत की होगी और वो गरम हो गये होंगे ।
और जब वो गरम हो जाते है तो जब तक वो ठन्डे न हो उनको नीन्द नहीं आती।
सरला: मैं उपर जा रही हूँ वो जा चुके है।
काई जग जाये तो रिंग कर देना।
नीतू: ओके पर छत पर क्या करोगे।
सरला: कुछ न कुछ तो करना पड़ेगा नहीं तो वो पूरी रात सो नहीं पायेगे।
और उपर चलि जाती है।
पर नीतू की तो इन दो घंटे ने ज़िन्दगी बदल दी।
वो अभी तक रवि के लंड को सब से बड़ा लंड समझती थी पर अरुन का देख कर वो पागल हो गई
उसे अभी तक यहि पता था की लंड से चुत मारी जाती है पर अरुन तो माँ की गाण्ड मार रहा था।मुँह में पेल रहा था।
उससे सिर्फ ये पता था लंड चोदने के लिए होता है पर माँ तो मुह में ले कर चूस रही थी और अपनी चुत अरुन से चुसवा भी रही थी पर रवि ने आज तक उसकी चुत नहीं चुसी।
और सुब से बड़ी बात अरुन उसके बारे में क्यों बोल रहा था कही वो मुझे चोदना तो नहीं चाहता और माँ मेरा नाम क्यों ले रही थी कहीं वो मुझे अरुन से चुदवाना तो नही चाहती।
यही सोचते सोचते नीतू को कब नीन्द आई पता न चला।
इधर अरुन के रूम में
एक तो अरुन को नीन्द नहीं आ रही थी उपर से प्रीति ने उसके बगल मैं लेट कर अपनी दोनों टाँगे अरुन के उपर रखी हुई थी जिसकी बजह से उसे नीन्द नहीं आ रही थी।
तभी अरुन अपना मोबाईल निकालता है
और मैसेज टाइप करता है।
"" मुझे अभी मिलना है छत पे """"
और सरला के मोबाइल पे सेंड कर देता है
और उठ कर छत पे चला जाता है
इधर सरला का मोबाइल वाइब्रेशन होता है
वो मैसेज चेक करती और उठकर बैठ जाती है
अब इन्हे क्या हुआ ।
और नीतू को उठाती है।
नीतू: क्या हुआ।
सरला: वो तेरे पापा उपर बुला रहे है।
नीतू: पर इस टाइम ।
सरला: वो तेरी बुआ लेटी थी न उनके बगल में।
नीतू: हाँ तो।
सरला: तो क्या सोते में कुछ हरकत की होगी और वो गरम हो गये होंगे ।
और जब वो गरम हो जाते है तो जब तक वो ठन्डे न हो उनको नीन्द नहीं आती।
सरला: मैं उपर जा रही हूँ वो जा चुके है।
काई जग जाये तो रिंग कर देना।
नीतू: ओके पर छत पर क्या करोगे।
सरला: कुछ न कुछ तो करना पड़ेगा नहीं तो वो पूरी रात सो नहीं पायेगे।
और उपर चलि जाती है।
ऊपर छत पर
सरला: क्या हुआ जान।
अरुण: वो बुआ की बच्ची।
सरला: क्या किया उसने ।
अरुण: दोनों टाँगे मेरे उपर रख के सो रही थी
और अपना लोअर उतारते हुए ।
ओर इसे खड़ा कर दिया।
सरला: और आप से सब्र नहीं हुआ।
अरुण: तुम्हारे होते हुए सबर क्यों करुं।
अब जल्दी से कुछ करो।
सरला: जैसे की।
अरुण: मुँह में लो गाण्ड में या चुत में तुम देखो पर जल्दी ठण्डा करो।
इधर नीतू से कण्ट्रोल नहीं हुआ वो भी छत पे आ गई
और अरुन और सरला की बात सुन ली ।
माँ कितना जान गयी है अरुन के बारे में जो बोली वही निकला बुआ ने अरुन की परेसान कर दिया।
अब माँ क्या करेगी छत पे कोई आ गया तो पडोसी।
इधर
सरला अरुन के लंड को मुह में ले लेती है
और चुसने लगती है।
अरुण: आआआअह्ह माआआआआ मजा आ गया
आईसे हे चुसो आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ ुह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह
सरला: और तेज़ २ चुस्ने लगती है
अरुण: आज तूने फिर साबित कर दिया की तो मेरी पर्सनल रंडी है एक मैसेज पे उपर आ कर मेरा लंड चूस रही है।जब की रिश्तेदार निचे है और तू उपर अपने बेटे का लंड चूस रही है।सरला के सर को सहलाते हुए साली मेरी पालतू कुतिया।
आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह ऐसे ही चूस मेरी रंडी और तेज
और जोर से कर जिससे जल्दी निकल जाये नहीं तो तेरे को ही परेसानी होगी।
सरला अपनी स्पीड बढ़ा देती है
और टट्टों को मुह में भर कर चुसने लगती है।
अरुण: जल्दी कर रांड नहीं तो जा अपनी बेटी को बुला ला वो चूस देगी ।
सरला अरुन की बात सुन कर
क्या बोला।
अरुण; अगर तेरे से नहीं हो रहा तो अपनी बेटी को बुला ले वो चूस देगी।
और ये बोलते हुए सरला के मुह में लंड घुसा देता है
और सरला फिर से लुंड को चुसने लगती है।
उधर नीतू अरुन के मुह से अपना नाम सुन कर और लंड चुसने की बात पर पागल हो जाती है और उसकी बुर पनिया जाती है।
अरुण: क्या हुआ रांड निकल नहीं रहा तुझसे तो अपनी बेटी को बुला ला नहीं तो अपनी ननद को बुला ले जिसने इसे खड़ा किया है वो ही इसे ठण्डा कर देगी।
या दोनों को बुला ले।
और इतना बोलते ही अरुण का लंड पानी छोड देता है
और सरला अरुन के लंड को चाट २ कर साफ़ करती है
और खड़ी हो कर।
सरला:हो गया या किसी को बुलाऊ।
अरुण: हो गया मेरी जान तुझसे नहीं होगा तो किसी से नहीं होगा।
चलो चलें
सरला: सही है अपना काम हो गया चल।
अरुण: तो रुको अभी तुम्हारी फाड़ देता हूँ।।
सरला: नहीं जान मज़ाक़ कर रही हूँ जल्दी चलो कोई भी जग सकता है
और दोनों निचे आ जाते है।
अरून अपने रूम में चला जाता है और सरला नीतू के बगल में लेट जाती है
सरला; नीतू
नीतू: कुछ नहीं बोलती।
सरला: मुझे पता है तुम जाग रही हो।
नीतू ; वो मैं।
सरला: कुछ मत बोल तूने सब सुन लिया न बाद में जो बोले अरुण।
मैने आज तक सेक्स के बाद उससे नहीं पूछा पर मुझे पता था की तू वही पे है इसलिए मैंने उससे पूछा किसी को बुलाऊ और उसने क्या जवाब दिया।
नीतू : हाँ माँ मैंने सुना और चुप हो गई।
कुछ देर दोनों खामोश रहते है।
सरला: क्या हुआ जान।
अरुण: वो बुआ की बच्ची।
सरला: क्या किया उसने ।
अरुण: दोनों टाँगे मेरे उपर रख के सो रही थी
और अपना लोअर उतारते हुए ।
ओर इसे खड़ा कर दिया।
सरला: और आप से सब्र नहीं हुआ।
अरुण: तुम्हारे होते हुए सबर क्यों करुं।
अब जल्दी से कुछ करो।
सरला: जैसे की।
अरुण: मुँह में लो गाण्ड में या चुत में तुम देखो पर जल्दी ठण्डा करो।
इधर नीतू से कण्ट्रोल नहीं हुआ वो भी छत पे आ गई
और अरुन और सरला की बात सुन ली ।
माँ कितना जान गयी है अरुन के बारे में जो बोली वही निकला बुआ ने अरुन की परेसान कर दिया।
अब माँ क्या करेगी छत पे कोई आ गया तो पडोसी।
इधर
सरला अरुन के लंड को मुह में ले लेती है
और चुसने लगती है।
अरुण: आआआअह्ह माआआआआ मजा आ गया
आईसे हे चुसो आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई आआआ अअअअअअअ ुह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह
सरला: और तेज़ २ चुस्ने लगती है
अरुण: आज तूने फिर साबित कर दिया की तो मेरी पर्सनल रंडी है एक मैसेज पे उपर आ कर मेरा लंड चूस रही है।जब की रिश्तेदार निचे है और तू उपर अपने बेटे का लंड चूस रही है।सरला के सर को सहलाते हुए साली मेरी पालतू कुतिया।
आआआअह्ह उउउउउउउह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह ऐसे ही चूस मेरी रंडी और तेज
और जोर से कर जिससे जल्दी निकल जाये नहीं तो तेरे को ही परेसानी होगी।
सरला अपनी स्पीड बढ़ा देती है
और टट्टों को मुह में भर कर चुसने लगती है।
अरुण: जल्दी कर रांड नहीं तो जा अपनी बेटी को बुला ला वो चूस देगी ।
सरला अरुन की बात सुन कर
क्या बोला।
अरुण; अगर तेरे से नहीं हो रहा तो अपनी बेटी को बुला ले वो चूस देगी।
और ये बोलते हुए सरला के मुह में लंड घुसा देता है
और सरला फिर से लुंड को चुसने लगती है।
उधर नीतू अरुन के मुह से अपना नाम सुन कर और लंड चुसने की बात पर पागल हो जाती है और उसकी बुर पनिया जाती है।
अरुण: क्या हुआ रांड निकल नहीं रहा तुझसे तो अपनी बेटी को बुला ला नहीं तो अपनी ननद को बुला ले जिसने इसे खड़ा किया है वो ही इसे ठण्डा कर देगी।
या दोनों को बुला ले।
और इतना बोलते ही अरुण का लंड पानी छोड देता है
और सरला अरुन के लंड को चाट २ कर साफ़ करती है
और खड़ी हो कर।
सरला:हो गया या किसी को बुलाऊ।
अरुण: हो गया मेरी जान तुझसे नहीं होगा तो किसी से नहीं होगा।
चलो चलें
सरला: सही है अपना काम हो गया चल।
अरुण: तो रुको अभी तुम्हारी फाड़ देता हूँ।।
सरला: नहीं जान मज़ाक़ कर रही हूँ जल्दी चलो कोई भी जग सकता है
और दोनों निचे आ जाते है।
अरून अपने रूम में चला जाता है और सरला नीतू के बगल में लेट जाती है
सरला; नीतू
नीतू: कुछ नहीं बोलती।
सरला: मुझे पता है तुम जाग रही हो।
नीतू ; वो मैं।
सरला: कुछ मत बोल तूने सब सुन लिया न बाद में जो बोले अरुण।
मैने आज तक सेक्स के बाद उससे नहीं पूछा पर मुझे पता था की तू वही पे है इसलिए मैंने उससे पूछा किसी को बुलाऊ और उसने क्या जवाब दिया।
नीतू : हाँ माँ मैंने सुना और चुप हो गई।
कुछ देर दोनों खामोश रहते है।
तभी सरला
सरला: नीतू
नीतू; हाँ माँ।
सरला: क्या रवि का अरुन के बराबर है।
नीतू : क्या माँ।
सरला; तू सब समझ रही है मैं किस की बात कर रही हूँ।
नीतू; नहीं माँ उनका मुस्किल से अरुन से आधा भी नहीं है।
और वो ये सब भी नहीं करते है जो अरुन आप के साथ करते है।
सरला: तभी तू इतना गौर कर रही है।
हाय रे माँ बेटी की किस्मत दोनों के पति निठल्ले।
नीतू: माँ ये हमारे साथ क्यों ।
मुझे ये सब नहीं देखना चाहिए था न देखति न मुझे पता चलता की ये सब भी होता है सेक्स में।
पता नहीं सरला के दिमाग में क्या आता है।
सरला: तुझे अपने भाई का लंड कैसा लगता है
नीतू: कुछ नहीं बोलती।
सरला: बोल ना नीतू।
नीतू; माँ बहुत बड़ा है यकींन नहीं होता की इतना बड़ा लंड हो सकता है और सोचती हूँ इतना बड़ा अंदर जा सकता है आप तो पीछे भी लेती हो मुझे तो आगे लेने में ही डर लग रहा है।
एक बार छुने का मन करता है की ये सपना है या हक़ीक़त।
सरला: मतलब तू लेना चाहती है अंदर।
नीतू: नहीं माँ मेरे कहने का ये मतलब नहीं था।
सरला: समझ गई तेरा भी दिमाग ख़राब हो गया है अरुन के लंड को देख कर जैसे मेरा हुआ था और मैं तो उसकी दीवानी हो गई हु तभी तो बेटे के लंड के बारे में बेटी से बात कर रही हू।
गलती तेरी नहीं है।
चल सो जा सुबह होने वाली है सब सो रहे है।
और हम माँ बेटी बेटे और भाई के लंड की दीवानी हो गई है।
सरला: उसका लंड लेगी।
नीतू ; माँआआआआ।
सरला: बोल ना।
नीतू: अगर आप की मर्ज़ी होगी तो ।
मुझे पता है पापा नहीं देंगे क्यों की जब बुआ उनके पास सो रही थी फिर भी वो आपके पास आये
तो वो मुझे क्यों प्यार करेंगे।
सरला: उसमे और तुझे में बहुत फ़र्क़ है।
छोड़ इन बातों की सो जा।
कल बात करते है।
नीतु मन ही मन क्या सच में मम्मी सीरियस है।
अगली सुबह।
रमेश और रवि ब्रेकफास्ट करने के बाद अपने २ ऑफिस चले जाते है और अरुन भी कॉलेज के लिए रेडी होकर निकल जाता है।
और घर पे लेडीज रह गई।
तीनो ब्रेकफास्ट टेबल पे
प्रीति: भाभी अरुन की शादी कब कर रही हो।
सरला: तुम भी दीदी अभी अरुन की उम्र क्या है।
प्रीति: क्यों २१ का होने वाला है।
सरला: अभी उम्र ही क्या है।
प्रीति: बेचारा की कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है रात भर जागा रहता है।
सरला: आप को कैसे पता।
प्रीति: बस कल रात बात हुई थी बेचारे को नीन्द नहीं आ रही थी।
कितना हॅंडसम लड़का और कोई गर्ल फ्रेंड नही।
सरला: मन ही मन उसे किसी गर्ल फ्रेंड की ज़रूरत नहीं है उसकी माँ ही काफी है उसकी हर इच्छा पूरी करने के लिए और ज़रूरत पड़ी तो बहन भी लाइन में है ।
प्रीति: क्या हुआ भाभी क्या सोचने लगी।
सरला: कुछ नहीं ।
जैसे आप सोच रही है ऐसा नहीं होगा।
नीतू: माँ सही बोल रही है अरुन की कोई न कोई गर्ल फ्रेंड जरुर होगी।
सरला: दीदी आप को इतनी फिकर है तो जाओ बन जाओ। बुआ तो भतीजा की गर्ल फ्रेंड बन सकती है।
प्रीति: कहाँ भाभी अब इस उम्र में अगर जवानी में मिला होता तो बना लेती।
सरला: अब क्या प्रॉब्लम है जीजाजी तो घर पे है।
बात तो कर सकती हो भतीजे से।
प्रीति; भाभी आप भी न ।
नीतू;माँ सही तो बोल रही है।
आप अरुन की बुआ हो मैं होती तो सेट कर लेती
और हॅसने लगती है।
और मन ही मन मैं तो बना लुंगी उनको अपना बॉय फ्रेंड और उनकी गर्ल फ्रेंड बन जॉंऊंगी।,,,,,,,,
ऐसे ही बात करते हुए ब्रेकफास्ट करती है।
प्रीति: मैं थोड़ी देर आराम कर लु रात को सो नहीं पायी।
सरला: हाँ आप जाओ अरुन के रूम में।
और सरला और नीतू किचन में।
नीतू: माँ आप ये क्यों कर रही हो।
सरला: क्या।
नीतू:यही बुआ को पापा की गर्ल फ्रेंड बना लो।
सरला: मैं तो मज़ाक़ कर रही थी।
पर तेरी बुआ ने मेरी शादी के बाद तेरे पापा से कई बार दुर किया है।
हम कही जाते थे तो साथ चलना।
मुझे कही उनके साथ जाना तो मुझे कुछ काम हैं बोलकर उनको अपने साथ ले जाती थी।
इसलिये मैं चाहती हूँ की ये अरुन के प्यार में पड़ जाए
और अपने पति से दुर हो जाए।
सरला: नीतू
नीतू; हाँ माँ।
सरला: क्या रवि का अरुन के बराबर है।
नीतू : क्या माँ।
सरला; तू सब समझ रही है मैं किस की बात कर रही हूँ।
नीतू; नहीं माँ उनका मुस्किल से अरुन से आधा भी नहीं है।
और वो ये सब भी नहीं करते है जो अरुन आप के साथ करते है।
सरला: तभी तू इतना गौर कर रही है।
हाय रे माँ बेटी की किस्मत दोनों के पति निठल्ले।
नीतू: माँ ये हमारे साथ क्यों ।
मुझे ये सब नहीं देखना चाहिए था न देखति न मुझे पता चलता की ये सब भी होता है सेक्स में।
पता नहीं सरला के दिमाग में क्या आता है।
सरला: तुझे अपने भाई का लंड कैसा लगता है
नीतू: कुछ नहीं बोलती।
सरला: बोल ना नीतू।
नीतू; माँ बहुत बड़ा है यकींन नहीं होता की इतना बड़ा लंड हो सकता है और सोचती हूँ इतना बड़ा अंदर जा सकता है आप तो पीछे भी लेती हो मुझे तो आगे लेने में ही डर लग रहा है।
एक बार छुने का मन करता है की ये सपना है या हक़ीक़त।
सरला: मतलब तू लेना चाहती है अंदर।
नीतू: नहीं माँ मेरे कहने का ये मतलब नहीं था।
सरला: समझ गई तेरा भी दिमाग ख़राब हो गया है अरुन के लंड को देख कर जैसे मेरा हुआ था और मैं तो उसकी दीवानी हो गई हु तभी तो बेटे के लंड के बारे में बेटी से बात कर रही हू।
गलती तेरी नहीं है।
चल सो जा सुबह होने वाली है सब सो रहे है।
और हम माँ बेटी बेटे और भाई के लंड की दीवानी हो गई है।
सरला: उसका लंड लेगी।
नीतू ; माँआआआआ।
सरला: बोल ना।
नीतू: अगर आप की मर्ज़ी होगी तो ।
मुझे पता है पापा नहीं देंगे क्यों की जब बुआ उनके पास सो रही थी फिर भी वो आपके पास आये
तो वो मुझे क्यों प्यार करेंगे।
सरला: उसमे और तुझे में बहुत फ़र्क़ है।
छोड़ इन बातों की सो जा।
कल बात करते है।
नीतु मन ही मन क्या सच में मम्मी सीरियस है।
अगली सुबह।
रमेश और रवि ब्रेकफास्ट करने के बाद अपने २ ऑफिस चले जाते है और अरुन भी कॉलेज के लिए रेडी होकर निकल जाता है।
और घर पे लेडीज रह गई।
तीनो ब्रेकफास्ट टेबल पे
प्रीति: भाभी अरुन की शादी कब कर रही हो।
सरला: तुम भी दीदी अभी अरुन की उम्र क्या है।
प्रीति: क्यों २१ का होने वाला है।
सरला: अभी उम्र ही क्या है।
प्रीति: बेचारा की कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है रात भर जागा रहता है।
सरला: आप को कैसे पता।
प्रीति: बस कल रात बात हुई थी बेचारे को नीन्द नहीं आ रही थी।
कितना हॅंडसम लड़का और कोई गर्ल फ्रेंड नही।
सरला: मन ही मन उसे किसी गर्ल फ्रेंड की ज़रूरत नहीं है उसकी माँ ही काफी है उसकी हर इच्छा पूरी करने के लिए और ज़रूरत पड़ी तो बहन भी लाइन में है ।
प्रीति: क्या हुआ भाभी क्या सोचने लगी।
सरला: कुछ नहीं ।
जैसे आप सोच रही है ऐसा नहीं होगा।
नीतू: माँ सही बोल रही है अरुन की कोई न कोई गर्ल फ्रेंड जरुर होगी।
सरला: दीदी आप को इतनी फिकर है तो जाओ बन जाओ। बुआ तो भतीजा की गर्ल फ्रेंड बन सकती है।
प्रीति: कहाँ भाभी अब इस उम्र में अगर जवानी में मिला होता तो बना लेती।
सरला: अब क्या प्रॉब्लम है जीजाजी तो घर पे है।
बात तो कर सकती हो भतीजे से।
प्रीति; भाभी आप भी न ।
नीतू;माँ सही तो बोल रही है।
आप अरुन की बुआ हो मैं होती तो सेट कर लेती
और हॅसने लगती है।
और मन ही मन मैं तो बना लुंगी उनको अपना बॉय फ्रेंड और उनकी गर्ल फ्रेंड बन जॉंऊंगी।,,,,,,,,
ऐसे ही बात करते हुए ब्रेकफास्ट करती है।
प्रीति: मैं थोड़ी देर आराम कर लु रात को सो नहीं पायी।
सरला: हाँ आप जाओ अरुन के रूम में।
और सरला और नीतू किचन में।
नीतू: माँ आप ये क्यों कर रही हो।
सरला: क्या।
नीतू:यही बुआ को पापा की गर्ल फ्रेंड बना लो।
सरला: मैं तो मज़ाक़ कर रही थी।
पर तेरी बुआ ने मेरी शादी के बाद तेरे पापा से कई बार दुर किया है।
हम कही जाते थे तो साथ चलना।
मुझे कही उनके साथ जाना तो मुझे कुछ काम हैं बोलकर उनको अपने साथ ले जाती थी।
इसलिये मैं चाहती हूँ की ये अरुन के प्यार में पड़ जाए
और अपने पति से दुर हो जाए।
नीतू: पर माँ अगर पापा बुआ से प्यार करने लगे तो।
सरला: ऐसा कुछ नहीं होगा मुझे अपनी जान पे पूरा भरोसा है।
मेरा मतलब अरुन पे।
नीतू: हाँ हाँ समझ गयी आप की जान यानि मेरे पापा पे
और हँस देती है।
सरला: तू न बहुत बदमाश हो गई है।
नीतू: बनाया आपने और पापा ने है।
सरला: मैं तो ठीक पर अरुन ने कैसे।
नीतू: अपना दिखा कर।
सरला: क्या दिखा कर।
नीतू: आप समझ रही हो।
सरला: नहीं समझ रही तू बता।।
नीतू: अरुन के लंड ने और शरमा जाती है।
सरला: पक्का बेशरम हो गई है अपने माँ के सामने उसके पति के लंड की बात कर रही है।
नीतू: वो मेरे पापा का भी है तो बाप की प्रॉपर्टी पे उनके बच्चो का भी हक़ होता है और लड़कियों का भी बराबर हक़ होता है।
सरला: बड़ी आई हक़ वाली वो सिर्फ मेरे है।
नीतू: नहीं मुझे भी मेरा पूरा हाफ शेयर चाहिये।
सरला: बेशरम दे दूंगी अब ठीक।
नीतू: हाँ नहीं तो छीन लेती।
सरल: बड़ी आई छिनने वाली।वो तो तू मेरी बेटी है इस लिए शेयर कर लुंगी।
और दोनों हँसने लगती है।
कुछ देर ऐसे ही बात करते हुए।
अरून की कॉल आती है।
सरला:;नीतू बात कर।
नीतू: माँ पापा का है।
सरला: हाँ तो बात कर क्या बोल रहे है।
और नीतू कॉल पिक्क करती है।
नीतु के हेलो बोल्ने से पहले।
अरुण: क्या हुआ रांड क्या कर रही थी जो कॉल उठाने में इतना टाइम लगा दिया
नीतु चुप हो जाती है ।
अरुण: क्या हुआ रांड बोल न।
हलो।
और नीतू सरला को मोबाइल दे देती है।
सरला: हेलो।
अरुण ; क्या हुआ रांड जवाब नहीं दिया मुह में अभी भी दर्द है क्या।
सरला: बोलो मेरे राजा क्या बोल रहे हो ।
अरुण: सुना नहीं क्या ।
पूछ रहा हूँ मेरी रांड क्या कर रही है जो कॉल पिक्क करने में इतनी देर लगा दी।
सरला: आप ने क्या बोला।
अरुण: हाँ रांड कितनी बार बोलु।
सरला: पहले आप की कॉल नीतू ने उठाई थी।
अरुण: क्या , मतलब पहले नीतू थी।
सरला: हाँ।
अरुण: इसका मतलब नीतू ने सब सुन लिया।
सरला: हाँ।
अरुण: वो क्या सोचेगी।
सरला: कोई बात नहीं । मैं बात कर लुंगी आप बताओ क्या हो रहा है।
अरुण: बस ऐसे ही ये बुआ कब जायेगी।
सरला: क्यों आप को क्या करना है।
अरुण: तुम्हारी गाण्ड और चुत मारनी है।
सरला: बताओ कब मेरी जान ।
जब कहोगे तब मिलेगी ।
सरला: ऐसा कुछ नहीं होगा मुझे अपनी जान पे पूरा भरोसा है।
मेरा मतलब अरुन पे।
नीतू: हाँ हाँ समझ गयी आप की जान यानि मेरे पापा पे
और हँस देती है।
सरला: तू न बहुत बदमाश हो गई है।
नीतू: बनाया आपने और पापा ने है।
सरला: मैं तो ठीक पर अरुन ने कैसे।
नीतू: अपना दिखा कर।
सरला: क्या दिखा कर।
नीतू: आप समझ रही हो।
सरला: नहीं समझ रही तू बता।।
नीतू: अरुन के लंड ने और शरमा जाती है।
सरला: पक्का बेशरम हो गई है अपने माँ के सामने उसके पति के लंड की बात कर रही है।
नीतू: वो मेरे पापा का भी है तो बाप की प्रॉपर्टी पे उनके बच्चो का भी हक़ होता है और लड़कियों का भी बराबर हक़ होता है।
सरला: बड़ी आई हक़ वाली वो सिर्फ मेरे है।
नीतू: नहीं मुझे भी मेरा पूरा हाफ शेयर चाहिये।
सरला: बेशरम दे दूंगी अब ठीक।
नीतू: हाँ नहीं तो छीन लेती।
सरल: बड़ी आई छिनने वाली।वो तो तू मेरी बेटी है इस लिए शेयर कर लुंगी।
और दोनों हँसने लगती है।
कुछ देर ऐसे ही बात करते हुए।
अरून की कॉल आती है।
सरला:;नीतू बात कर।
नीतू: माँ पापा का है।
सरला: हाँ तो बात कर क्या बोल रहे है।
और नीतू कॉल पिक्क करती है।
नीतु के हेलो बोल्ने से पहले।
अरुण: क्या हुआ रांड क्या कर रही थी जो कॉल उठाने में इतना टाइम लगा दिया
नीतु चुप हो जाती है ।
अरुण: क्या हुआ रांड बोल न।
हलो।
और नीतू सरला को मोबाइल दे देती है।
सरला: हेलो।
अरुण ; क्या हुआ रांड जवाब नहीं दिया मुह में अभी भी दर्द है क्या।
सरला: बोलो मेरे राजा क्या बोल रहे हो ।
अरुण: सुना नहीं क्या ।
पूछ रहा हूँ मेरी रांड क्या कर रही है जो कॉल पिक्क करने में इतनी देर लगा दी।
सरला: आप ने क्या बोला।
अरुण: हाँ रांड कितनी बार बोलु।
सरला: पहले आप की कॉल नीतू ने उठाई थी।
अरुण: क्या , मतलब पहले नीतू थी।
सरला: हाँ।
अरुण: इसका मतलब नीतू ने सब सुन लिया।
सरला: हाँ।
अरुण: वो क्या सोचेगी।
सरला: कोई बात नहीं । मैं बात कर लुंगी आप बताओ क्या हो रहा है।
अरुण: बस ऐसे ही ये बुआ कब जायेगी।
सरला: क्यों आप को क्या करना है।
अरुण: तुम्हारी गाण्ड और चुत मारनी है।
सरला: बताओ कब मेरी जान ।
जब कहोगे तब मिलेगी ।
अरुण: ये हुई न बात मेरी पर्सनल रांड।
आज कॉलेज से आने के बाद तुम्हारी चुत लूँगा।
सरला: ओके मैं तैयार रहुंगी।
अरुण: पर बुआ और नीतू ।
सरला: आप उनकी चिंता मत करो मैं मैनेज कर लुंगी।
बस अब कस कर चोद देना मेरी चूत में भी खुजली हो रही है ।
अरुण: कहाँ चुत या गाण्ड में या दोनो में।
सरला: दोनों नहीं तीनो जगह बस आप आ जाओ।
और किस करके कॉल डिसकनेक्ट कर देती है।
नीतु वही किचन में खड़ी थी और सारी बात सुन रही थी।
नीतू: माँ आप न एकदम ।
सरला: क्या एकदम।
नीतू: सच में एक नंबर की।
सरला: क्या एक नंबर कि।
नीतू: वो वो जो पापा आप को बोलते है।
सरला: क्या रांड ।
नीतू: वो हां माँ।
सरला: बेशरम भाई बोलने दे जो बोलता है अब तू भी बोल रही है अपनी माँ को रांड तो सुन।
हा मैं एक नंबर की रांड हो अपने अरुन की और मुझे उसकी रंडी कहलाने में कोई शरम नहीं है।
और तुझे भी तो उसकी रांड बनने का शॉक चढा है।
नीतू: ऐसा नहीं है और आँख झुका लेती है।
सरला: मेरी आँखों मैं देख कर बोल। नहीं है अपने भाई की रांड बनने की इच्छा।
नीतू: हाँ हाँ बनूँगी मैं अपने भाई की रांड रखेल जो वो बोलेगा वो बनूँगी तुम्हे कोई प्रोब्लम।
आज कॉलेज से आने के बाद तुम्हारी चुत लूँगा।
सरला: ओके मैं तैयार रहुंगी।
अरुण: पर बुआ और नीतू ।
सरला: आप उनकी चिंता मत करो मैं मैनेज कर लुंगी।
बस अब कस कर चोद देना मेरी चूत में भी खुजली हो रही है ।
अरुण: कहाँ चुत या गाण्ड में या दोनो में।
सरला: दोनों नहीं तीनो जगह बस आप आ जाओ।
और किस करके कॉल डिसकनेक्ट कर देती है।
नीतु वही किचन में खड़ी थी और सारी बात सुन रही थी।
नीतू: माँ आप न एकदम ।
सरला: क्या एकदम।
नीतू: सच में एक नंबर की।
सरला: क्या एक नंबर कि।
नीतू: वो वो जो पापा आप को बोलते है।
सरला: क्या रांड ।
नीतू: वो हां माँ।
सरला: बेशरम भाई बोलने दे जो बोलता है अब तू भी बोल रही है अपनी माँ को रांड तो सुन।
हा मैं एक नंबर की रांड हो अपने अरुन की और मुझे उसकी रंडी कहलाने में कोई शरम नहीं है।
और तुझे भी तो उसकी रांड बनने का शॉक चढा है।
नीतू: ऐसा नहीं है और आँख झुका लेती है।
सरला: मेरी आँखों मैं देख कर बोल। नहीं है अपने भाई की रांड बनने की इच्छा।
नीतू: हाँ हाँ बनूँगी मैं अपने भाई की रांड रखेल जो वो बोलेगा वो बनूँगी तुम्हे कोई प्रोब्लम।
सरला: मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं ।क्या तू उसका मुसल ले पायेगी ।
नीतू: जब आप ले सकती हो तो मैं क्यों नहीं शुरु में थोड़ी प्रॉब्लम होगी पर मेरा भाई मेरी आराम से लेंगा।
सरला: क्यों तू कोई राजकुमारी है।
मेरी तो वो बड़ी बेरहमी से लेता है और मुझे तो बड़े मज़े आते है।
नीतू: मैं भी अपने भाई को उसकी मर्ज़ी से दूंगी जैसे वो लेगा वैसे दूँगी।
बस आप एक बार सेटिंग करा दो।
सरला: हाँ रे बेशरम कैसे अपने भाई के लंड की दीवानी हो गई है पति यही पे है और इसे भाई का मूसल चाहिये।
नीतू: क्यों आप के पति नहीं है आप क्यों लेती हो बेटे का वो भी अपनी बेटी के सामने।
सरला: लुंगी क्या कर लेगी
नीतू ; मैं भी लुंगी ।
और दोनों हँस पड़ती है।
थोड़ी देर बाद
सरला: नीतू
नीतू: हाँ माँ।
सरला: तेरे पापा आने वाले है।
और तुझे पता है वो आज नहीं माननेवाले।
नीतू: फिर ।
सरला: कुछ कर न अपनी बुआ का।
नीतू : पर क्या करूं वो कही जाने वाली तो है नही।
सरला: कुछ तो सोच।
नीतू: माँ तुम कितनी बेशरम हो गई हो अपनी बेटी से
बोल रही हो मेरे चूदने का इन्तज़ाम करवा दे मेरे बेटे से।
सरला: प्लीज नीतू अभी मज़ाक़ नहीं अगर उन्हें मेरी चूत नहीं मिली तो वो ग़ुस्सा हो जाएंगे।
नीतू: ओके बाबा कुछ करती हूँ।
पर मेरा क्या होगा।
सरला: मतलब ।
नीतू: मेरा नंबर कब आयेगा।
सरला: पहले मेरी जुगाड़ लगा फिर मैं तेरा करती हूँ।
क्या समय आ गया है अपने पति का लंड लेने के लिए जुगाड़ लगवानी पड़ रही है।
और दोनों हँस पडते है।
तभी प्रीति आ जाती है।
किस बात पे हँस रहे हो दोनो।
नीतू;यही सोच रहे थे की अगर भाई आप को सेट कर लेता है तो क्या होगा।
प्रीति: पहले तो वो ऐसे करेगा नहीं और करेगा भी तो क्या हुआ बुआ हु थोड़ा तो उस की हेल्प कर सकती हुँ।
बेचारे की कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है ।
मेरे साथ ही मन बहला लेगा थोड़ी बहुत मस्ती कर लेगा अपनी बुआ के साथ।
और तीनो हँसने लगते है।
प्रीति: वैसे कब आएगा हमारा लवर बॉय।
सरला: वो आने वाले है।
प्रीति: क्या बोली।
आने वाले है।
सरला: मतलब आप के होने वाले बॉय फ्रेंड को तो रेस्पेक्ट देनी पडेगी।
नीतू: आखिर हमारे फुफा जी जो है।
प्रीति: रुक अभी बड़ी आयी फुफा जी की बच्ची
और नीतू भाग जाती है और प्रीति भी उसके पिछे
और दोनों अरुन के रूम में।
प्रीति: बड़ी बदमाश हो गई है तो शादी के बाद।
नीतू: नहीं बुआ ऐसा नहीं है।
मै इसलिए बोल रही हूँ मेरे भाई का भला हो जायेगा आप जैसे गर्ल फ्रेंड को पा कर।
प्रीति: तो बन जाऊँ उसकी गर्ल फ्रेंड।
नीतू: मैं बन जाती पर वो मेरा भाई है और आप का भतीजा।
प्रीति: पर ये गलत है नीतू।
नीतु: ऐसा नहीं है बुआ किसी को पता नहीं चलेगा जब तक आप यहाँ हो तब तक बना लो। भाई का भी भला हो जायेगा और आप का भी टाइम पास हो जाएगा।
प्रीति: पर बोलूँगी क्या उससे।
नीतू: क्या बुआ आप इतनी समझदार हो आप को क्या समझाना ।
प्रीति: चल आने दे उसे जितना हो सकता है हेल्प कर दूंगी उसकी।
नीतु मन ही मन एक बार अरुन के निचे आ गई न फिर पता चलेगा की तुम उसकी हेल्प करोगी या वो तुझे भी रांड बना के चोद देगा फिर उसके पीछे २ अपनी चुत और गाण्ड लेके घुमति रहना और वो तुम्हे अपने पीछे पीछे घूमाता रहेगा।
नीतू: जब आप ले सकती हो तो मैं क्यों नहीं शुरु में थोड़ी प्रॉब्लम होगी पर मेरा भाई मेरी आराम से लेंगा।
सरला: क्यों तू कोई राजकुमारी है।
मेरी तो वो बड़ी बेरहमी से लेता है और मुझे तो बड़े मज़े आते है।
नीतू: मैं भी अपने भाई को उसकी मर्ज़ी से दूंगी जैसे वो लेगा वैसे दूँगी।
बस आप एक बार सेटिंग करा दो।
सरला: हाँ रे बेशरम कैसे अपने भाई के लंड की दीवानी हो गई है पति यही पे है और इसे भाई का मूसल चाहिये।
नीतू: क्यों आप के पति नहीं है आप क्यों लेती हो बेटे का वो भी अपनी बेटी के सामने।
सरला: लुंगी क्या कर लेगी
नीतू ; मैं भी लुंगी ।
और दोनों हँस पड़ती है।
थोड़ी देर बाद
सरला: नीतू
नीतू: हाँ माँ।
सरला: तेरे पापा आने वाले है।
और तुझे पता है वो आज नहीं माननेवाले।
नीतू: फिर ।
सरला: कुछ कर न अपनी बुआ का।
नीतू : पर क्या करूं वो कही जाने वाली तो है नही।
सरला: कुछ तो सोच।
नीतू: माँ तुम कितनी बेशरम हो गई हो अपनी बेटी से
बोल रही हो मेरे चूदने का इन्तज़ाम करवा दे मेरे बेटे से।
सरला: प्लीज नीतू अभी मज़ाक़ नहीं अगर उन्हें मेरी चूत नहीं मिली तो वो ग़ुस्सा हो जाएंगे।
नीतू: ओके बाबा कुछ करती हूँ।
पर मेरा क्या होगा।
सरला: मतलब ।
नीतू: मेरा नंबर कब आयेगा।
सरला: पहले मेरी जुगाड़ लगा फिर मैं तेरा करती हूँ।
क्या समय आ गया है अपने पति का लंड लेने के लिए जुगाड़ लगवानी पड़ रही है।
और दोनों हँस पडते है।
तभी प्रीति आ जाती है।
किस बात पे हँस रहे हो दोनो।
नीतू;यही सोच रहे थे की अगर भाई आप को सेट कर लेता है तो क्या होगा।
प्रीति: पहले तो वो ऐसे करेगा नहीं और करेगा भी तो क्या हुआ बुआ हु थोड़ा तो उस की हेल्प कर सकती हुँ।
बेचारे की कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है ।
मेरे साथ ही मन बहला लेगा थोड़ी बहुत मस्ती कर लेगा अपनी बुआ के साथ।
और तीनो हँसने लगते है।
प्रीति: वैसे कब आएगा हमारा लवर बॉय।
सरला: वो आने वाले है।
प्रीति: क्या बोली।
आने वाले है।
सरला: मतलब आप के होने वाले बॉय फ्रेंड को तो रेस्पेक्ट देनी पडेगी।
नीतू: आखिर हमारे फुफा जी जो है।
प्रीति: रुक अभी बड़ी आयी फुफा जी की बच्ची
और नीतू भाग जाती है और प्रीति भी उसके पिछे
और दोनों अरुन के रूम में।
प्रीति: बड़ी बदमाश हो गई है तो शादी के बाद।
नीतू: नहीं बुआ ऐसा नहीं है।
मै इसलिए बोल रही हूँ मेरे भाई का भला हो जायेगा आप जैसे गर्ल फ्रेंड को पा कर।
प्रीति: तो बन जाऊँ उसकी गर्ल फ्रेंड।
नीतू: मैं बन जाती पर वो मेरा भाई है और आप का भतीजा।
प्रीति: पर ये गलत है नीतू।
नीतु: ऐसा नहीं है बुआ किसी को पता नहीं चलेगा जब तक आप यहाँ हो तब तक बना लो। भाई का भी भला हो जायेगा और आप का भी टाइम पास हो जाएगा।
प्रीति: पर बोलूँगी क्या उससे।
नीतू: क्या बुआ आप इतनी समझदार हो आप को क्या समझाना ।
प्रीति: चल आने दे उसे जितना हो सकता है हेल्प कर दूंगी उसकी।
नीतु मन ही मन एक बार अरुन के निचे आ गई न फिर पता चलेगा की तुम उसकी हेल्प करोगी या वो तुझे भी रांड बना के चोद देगा फिर उसके पीछे २ अपनी चुत और गाण्ड लेके घुमति रहना और वो तुम्हे अपने पीछे पीछे घूमाता रहेगा।
कहानी जारी रहेगी .......
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